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Anita Bhardwaj

Inspirational

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Anita Bhardwaj

Inspirational

नारी

नारी

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ना मैं किसी पर भारी हूं,

ना करती शेर की सवारी हूं;

जिसे तुम रोज देखते हो बिखरे बालों में,

कमर पर दुपट्टा बांधकर

तुम्हारे घर की जिम्मेदारियां उठाते हुए,

हां! मैं वही नारी हूं।


महिला सशक्तिकरण की बातें होती हैं बड़ी बड़ी,

कोई ना कोई नई योजना आती रहती है हर घड़ी,

सिर्फ नौकरी करने वाली सशक्त हो ये जरूरी तो नहीं,

अपने घर का तिनका तिनका संवारने वाली कामगारी हूं,

हां! मैं वही नारी हूं।


कानून जानने से ही नहीं होता कोई सशक्त,

अपने हक के लिए बोलने की है जरूरत,

अपनी बेटी को कुंठाओं से बचाने की कोशिश रखती जारी हूं,

हां! मैं वही नारी हूं।



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