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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics Fantasy Children

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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics Fantasy Children

पर्यावरण बचाओ

पर्यावरण बचाओ

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बचा पर्यावरण बने जिंदगी,

वरना होगी जग में जन हार।

पर्यावरण सृष्टि रक्षक होता,

करो इससे तुम अब प्यार।।


पर्यावरण है आधार जन का,

मानों खुशियां तन व मन का।

इससे जिसने किया है प्यार,

जीत मिलेगी नहीं हो हार।।


पर्यावरण लगे बड़ा प्यारा है,

कहता यह संसार हमारा है।

पर्यावरण न बचा तो नष्ट हो,

वैज्ञानिक यह विचारधारा है।।


पर्यावरण अगर नष्ट हो गया,

सब कुछ तबाह हो जाएगा।

इंसान धरा से लुप्त हो जाए,

फिर से पाषाण युग आएगा।।


वक्त अभी है सोच समझ,

वरना केवल यूं पछताएगा।

बीत गया वो वक्त न आये,

सिर धुन-धुन के रह जाएगा।।


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