STORYMIRROR

PRATAP CHAUHAN

Fantasy

3  

PRATAP CHAUHAN

Fantasy

प्रेम-बिरह

प्रेम-बिरह

1 min
298

#SMBoss

कैटिगरी-  सोनेट


 सागर किनारे मेरा प्यार पुकारे,

 कब से हैं बिछड़े अब आजा रे।

 थक गए नैना डगर निहारे,

 इंतहा ना ले अब आजा रे।।

 

वह भी क्या दिन थे,

जो साथ में गुजारे।

बातों में गुजरती थी रातें,

वह लम्हा भी कितने थे प्यारे।।


 स्टोरी मिरर की कहानियों के

 मैं तो प्यार में समाया हूं।

 हो गया मैं दीवाना स्टोरी मिरर का,

 जब से पटल पर आया हूं।।


 मेरी नींदो की मेरी सांसों की,

तुझको क्या कीमत है पता।

पहला मिलन बांहों में सजन,

एहसास है क्या??  मुझको भी बता।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy