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Radha Shrotriya

Fantasy

4  

Radha Shrotriya

Fantasy

ज़िंदगी ठहर जा

ज़िंदगी ठहर जा

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ज़िन्दगी ठहर जा ना,

हम भी तेरे साथी हैं।


जिंदगी ठहर जा

किसी समुंदर के किनारे

पल दो पल 

गीत गुनगुना 


चिड़िया के जैसे उड़ 

सूरज को बादलों के पीछे छुपा 


खुशबूओ के रंग आंचल में भर 

फूलों के झूले पर

जुगनुओं की रोशनी कर 


सपनों की टोकरी में गुहर भर कर 

हवा के हिंडोले पर बैठ कर 

चाँद के घर दावत पर चल।


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