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Radha Shrotriya

Abstract

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Radha Shrotriya

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पहाड़ों पर रात

पहाड़ों पर रात

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पहाड़ों पर रात कभी बुझती नहीं ..

सितारों की जगमगाहट की आंच ज्यादा तेज होती है!

पूरे का पूरा दरिया उसकी रोशनी में डूबा नज़र आता है!

ऐसा प्रतीत होता है

जैसे निशा ने हीरे जवाहरात से जड़ी चादर ओढ़ ली हो !

मैं तो कभी हवाई जहाज में बैठी नहीं,

तुमने बताया था मुझे हवाई जहाज से देखने पर

रंग बिरंगी रोशनी में डूबा पूरा का पूरा शहर सा दिखाई पड़ता है!


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