STORYMIRROR

Radha Shrotriya

Abstract

3  

Radha Shrotriya

Abstract

पहाड़ों पर रात

पहाड़ों पर रात

1 min
239

पहाड़ों पर रात कभी बुझती नहीं ..

सितारों की जगमगाहट की आंच ज्यादा तेज होती है!

पूरे का पूरा दरिया उसकी रोशनी में डूबा नज़र आता है!

ऐसा प्रतीत होता है

जैसे निशा ने हीरे जवाहरात से जड़ी चादर ओढ़ ली हो !

मैं तो कभी हवाई जहाज में बैठी नहीं,

तुमने बताया था मुझे हवाई जहाज से देखने पर

रंग बिरंगी रोशनी में डूबा पूरा का पूरा शहर सा दिखाई पड़ता है!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract