नूतन वर्ष
नूतन वर्ष
नूतन वर्ष मैं मना रहा हूँ ,
तेरे खयालों में डूब रहा हूँ ,
रोशनी का नजारा देखते हुऐ,
तेरा चेहरा मैं ढूंढ रहा हूँ ।
मधुर संगीत मैं सुन रहा हूँ ,
एक दूसरे को मिलते देख रहा हूँ ,
तेरी कमी आज महसूस कर के,
तेरा चेहरा मैं ढूंढ रहा हूँ ।
नवरंग सजावट मैं देख रहा हूँ ,
दीप मलिका को मैं प्रगटा रहा हूँ ,
तेरी याद मेरे दिल में आते ही,
तेरा चेहरा मैं ढूंढ रहा हूँ ।
तारें गिन रातें मैं बिता रहा हूँ ,
तेरे आने की आहट सुन रहा हूँ ,
आसमान में खीली हुई चांदनी में,
तेरा चेहरा मैं ढूंढ रहा हूँ ।
तेरे मिलन के लिये तड़प रहा हूँ ,
दिल से रोमांचित मैं हो रहा हूँ ,
"मुरली" में मधुर तान छेड़ते हुए,
तेरा चेहरा मैं ढूंढ रहा हूँ ।

