मेरे वतन की मिट्टी
मेरे वतन की मिट्टी
गीत - मेरे वतन की मिट्टी
मेरे वतन की मिट्टी की तुम बात क्या करोगे?-२
तुम देखते रह जाओगे..
खुशियों की सौगात को-२
देशभक्ति तो हमारे सीने में बसती है।
दुश्मनों पर जो शिकंजे कसती है।-२
सरहद पार करने की तुम औकात क्या करोगे?
तुम देख घबरा जाओगे..
इन वीरों की तादाद को-२
जान हथेली पर हम लेकर चलते हैं।
बाँध कफन सर पर हम वीर निकलते हैं।-२
गीदड़ की भाँति तुम यूँ उत्पात क्या करोगे?
हाँ जरूर मारे जाओगे..
चाहे दिन हो चाहे रात को-२
भारत माता की हम पूजा करते हैं।
चाहे हो मौसम कैसा हम खरे उतरते हैं।-२
गोलीबारी की हम पर तुम बरसात क्या करोगे?
ना हम से बचा पाओगे..
तुम अपनी इस हयात को-२
जरा सुन ओ “मुसाफिर” ये वतन प्यारा है।
इस तिरंगे को सदा सलाम हमारा है।-२
माँ का आँचल देख काबू जज्बात क्या करोगे?
तुम क्या क्या लिख पाओगे..
इन लफ्जों में कायनात को-२
मेरे वतन की मिट्टी की तुम बात क्या करोगे?-२
तुम देखते रह जाओगे..
खुशियों की सौगात को-२
