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Rohtash Verma ' मुसाफ़िर '

Action Inspirational

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Rohtash Verma ' मुसाफ़िर '

Action Inspirational

मेरे वतन की मिट्टी

मेरे वतन की मिट्टी

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गीत - मेरे वतन की मिट्टी


मेरे वतन की मिट्टी की तुम बात क्या करोगे?-२

तुम देखते रह जाओगे..

खुशियों की सौगात को-२


देशभक्ति तो हमारे सीने में बसती है।

दुश्मनों पर जो शिकंजे कसती है।-२

सरहद पार करने की तुम औकात क्या करोगे?

तुम देख घबरा जाओगे..

इन वीरों की तादाद को-२


जान हथेली पर हम लेकर चलते हैं।

बाँध कफन सर पर हम वीर निकलते हैं।-२

गीदड़ की भाँति तुम यूँ उत्पात क्या करोगे?

हाँ जरूर मारे जाओगे..

चाहे दिन हो चाहे रात को-२


भारत माता की हम पूजा करते हैं।

चाहे हो मौसम कैसा हम खरे उतरते हैं।-२

गोलीबारी की हम पर तुम बरसात क्या करोगे?

ना हम से बचा पाओगे..

तुम अपनी इस हयात को-२


जरा सुन ओ “मुसाफिर” ये वतन प्यारा है।

इस तिरंगे को सदा सलाम हमारा है।-२

माँ का आँचल देख काबू जज्बात क्या करोगे?

तुम क्या क्या लिख पाओगे..

इन लफ्जों में कायनात को-२


मेरे वतन की मिट्टी की तुम बात क्या करोगे?-२

तुम देखते रह जाओगे..

खुशियों की सौगात को-२



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