STORYMIRROR

मै लिख दूँगा

मै लिख दूँगा

1 min
683


मै लिख दूँगा

तुम पढ़ लेना

मै जज्बातों को कह दूँगा

तुम सुन लेना।


प्रेम है या नहीं मत पूछना

मै तुम्हें नहीं समझा पाऊँगा

दिल की डोर बंधी है तुम से

उसको नहीं दिखा पाऊँगा।


तुम हो या न हो फिर भी

मन मे छवि तुम्हारी बसाऊँगा

कितना प्रेम है इसका

मोल न लगा पाऊँगा।


प्रेम क्या है और क्यों है

इसकी परिभाषा न बता पाऊँगा

मै पास तेरे हूँ या नहीं

बस दिल से याद कर लेना।


मै खुद ही एहसास बनकर

चला आऊँगा

अपना समझे या नहीं


अंजान समझकर ही

चेहरे पर मुस्कान रख लेना।

प्रिये बाकी तुम खुद ही

समझ लेना।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance