मातृ वंदना
मातृ वंदना
माँ मन मलिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे,
माँ दिल दुर्दिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे।
न तूफ़ां रोके पथ मेरा
न शूल राह से मैं हट जाऊँ,
खड़ा हिमालय झोंके सहता
भाँति उसी मैं डट जाऊँ।
भयभीत भरा मैं भारी भारी,
भीतर से सारे भय ले ले।
माँ मन मलिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे,
माँ दिल दुर्दिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे।
मुझ पर बस तेरी छाया हो
पल प्रतिपल हर रोज ,
उदथ-उग्र सम कर
कर तम तुरंग पर ओज।
अंश गुणों का कतिपय दे दे।
माँ मन मलिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे,
माँ दिल दुर्दिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे।
कोप कटे प्यार पले
कटु कोमल कंठ कोमल बन जाए
दिव्य दीप दीन दिल जले,
मन स्वच्छ जाह्नवी जल बन जाए।
पंथ प्रीत चलूँ प्रणय दे दे
माँ मन मलिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे,
माँ दिल दुर्दिन मेरा
पावन चरणों में आलय दे दे।
