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Shivanand Chaubey

Drama

3  

Shivanand Chaubey

Drama

क्या यही प्यार है

क्या यही प्यार है

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प्यार आस है विश्वास है 

प्यार खुशियों का एहसास है,

प्यार त्याग है बलिदान है

प्यार स्नेह का आकाश है।


प्यार वह समर है जिसमें 

ना जीत है ना हार है,

प्यार धड़कन है दो दिलों की 

प्यार मीठी तकरार है।


प्यार मां का वात्सल्य हैं 

प्यार गंगा सा जल है,

प्यार बहन की राखी है

प्यार भाई का नेह हैं।


प्यार बचपन की टोली में

प्यार हंसी ठिठोली में,

गुम सा है हो गया अब

नफरत की बोली में।


ढूंढ मैं भी रहा हूं 

प्यार की रवानी को,

बचपन में दादा और 

दादी की कहानी को।


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