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Shivanand Chaubey

Abstract

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Shivanand Chaubey

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घबराना नहीं

घबराना नहीं

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कोरोना से घबराने की

नहीं कोई जरूरत है,

कुछ दिन का हैं मेहमां

निकली चुका मुहूर्त हैं।


विपत्ति आती हैं आये

हमे ना धैर्य खोना हैं,

पराजित शत्रु को करना

हम बिल्कुल न होना है।


सामाजिक दूरी रखना हैं

मुंह में मास्क लगाना है,

नमस्ते हाथ को जोड़कर

कोरोना हम भागना हैं।


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