अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा
Action Inspirational
कलम का सिपाही,
बलिदानों का राही,
पुलकित होता प्राणों से,
त्वरा का अनुगामी ।
दुर्गम पथ का साथी,
छांव ढूंढता उजियारे में,
अमर होती प्रथायें,
पाषाण तोड़ती हवायें,
कुदाल नहीं चलाता,
कलम का सिपाही।
इत्तफाक जिंदग...
कान्हा
सर्द हवाएं
कभी ख़ुश तो कभ...
मेरा ग़म
कि तुम्हारे सामने प्रकृति रहे और तुम पुरुष न रहो। कि तुम्हारे सामने प्रकृति रहे और तुम पुरुष न रहो।
जल-सेना का है क्या कहना, सागर की लहरों पर रहना जल-सेना का है क्या कहना, सागर की लहरों पर रहना
तू मेरी हर धड़कन में है तू मेरी हर धड़कन में है
कितना बजाते रहेंगे जिसका बीन, हरदम नकद पर नहीं रखें यकीन कितना बजाते रहेंगे जिसका बीन, हरदम नकद पर नहीं रखें यकीन
कोशिशों से हर हालात को है बदलना हुई है हार जब तक़दीर पे छोड़ा गया है। कोशिशों से हर हालात को है बदलना हुई है हार जब तक़दीर पे छोड़ा गया है।
अगर अभी भी नहीं हुए सावधान, तो पूरे विश्व को बनाऊँगा अपना ग्रास अगर अभी भी नहीं हुए सावधान, तो पूरे विश्व को बनाऊँगा अपना ग्रास
चीख मेरी गूँजती है अन्याय को अब चुनौती दूंगी! चीख मेरी गूँजती है अन्याय को अब चुनौती दूंगी!
अजगर सी बाहें हैं इनकी, और फौलादी सीने हैं अजगर सी बाहें हैं इनकी, और फौलादी सीने हैं
छोटी सी भी एक सर्जरी, विकल हमें कर जाते हैं छोटी सी भी एक सर्जरी, विकल हमें कर जाते हैं
कि आने वाली संतानों को, कैसी दुनिया का इंतजार है। कि आने वाली संतानों को, कैसी दुनिया का इंतजार है।
मुल्क़ में आग लगा रहे मज़हब के नाम पर मुल्क़ में आग लगा रहे मज़हब के नाम पर
स्वयं का स्वयं से साक्षात्कार ही स्थायी सुख का उपाय है। स्वयं का स्वयं से साक्षात्कार ही स्थायी सुख का उपाय है।
चलो जय हिन्द केे नारे लगाते है। हम भी भारत के चौकीदार बन जाते है। चलो देश के प्रति अपनी देश भक्ति ... चलो जय हिन्द केे नारे लगाते है। हम भी भारत के चौकीदार बन जाते है। चलो देश के प...
हो जाऐगी स्लोमोशन हर कोई भूल जाऐगा अपना प्रोफेशन। हो जाऐगी स्लोमोशन हर कोई भूल जाऐगा अपना प्रोफेशन।
सच से कब तक भागोगे रे चीनी? जान रही दुनिया तुम्हारा हर मंत्र है सच से कब तक भागोगे रे चीनी? जान रही दुनिया तुम्हारा हर मंत्र है
पीछे हटने वाले इरादे दिखते नहीं, इस सांस लेते भगवान में। पीछे हटने वाले इरादे दिखते नहीं, इस सांस लेते भगवान में।
तुम्हारी शहादत पर शत - शत नमन। तुम्हारी शहादत पर शत - शत नमन।
पढ़ेंगे लिखेंगे बनेंगे नवाब, तभी तो होंगे जीवन में कामयाब। पढ़ेंगे लिखेंगे बनेंगे नवाब, तभी तो होंगे जीवन में कामयाब।
प्रकृति को चुनौती देकर प्रकृति का उपहास किया प्रकृति को चुनौती देकर प्रकृति का उपहास किया
दुश्मन को उसके ही घर में, घुसकर हमने मारा है। दुश्मन को उसके ही घर में, घुसकर हमने मारा है।