STORYMIRROR

ख्वाहिशें

ख्वाहिशें

1 min
269


बेशक्ल-सी ख्वाहिशें

हमारे अंदर एक पूरी दुनिया

रचती रहती हैं

और हम एक दूसरे को

गलत समझने का हर्जाना

अपने रिश्ते को

भरने के लिए दे देते हैं...।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama