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Guneet Malik

Abstract

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Guneet Malik

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खेल❤💫

खेल❤💫

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खेल खेल में चुन्नू मुन्नी

करते है तकरार

चुन्नू भैया रूठ गये तो

दिल में पड़ी दरार


बने मूर्ति ऐसे वह तो

फूल के हो गये कुप्पा

करी गुदगुदी मुन्नी ने तब

हँस हँस मारें छक्का


इधर उधर को दोनों दौड़े

हँस हँस देखे कक्का

कोई किसी के हाथ न आए

हो रही धक्कम धक्का।


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