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Priyanka Pandya

Abstract

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Priyanka Pandya

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बनी रहेगी

बनी रहेगी

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खूबसूरत हुआ है दिल तुझसे मिलकर,

क्या दिलों को मिलाकर, यूँ खुबसुरती बनी रहेगी..?


आँखों में बहुत चमक है तेरे नाम से,

आँख से आँख मिला सकू क्या यूँ हिम्मत बनी रहेगी...?


अपना जो मान लिया है बिना इजाजत के,

इफाजत से अपना बनाकर रखू

क्या यूँ मेरी बनी रहेगी..?


इंतजार जो पाल रखा है तेरे लिए,

इजहार के बाद भी क्या यूँ चाहत बनी रहेगी..?


इशारे तो बहुत कह रहे है,

क्या वही बात असल मे यूँ बनी रहेगी..?


जिम्मेदार सा है दिल मेरा, इसलिए कुछ कहूँगा नहीं..

मगर दुआ जब करू खुदा से,

 उसमे एक दुआ तेरी बनी रहेगी...


पाने की चाहते अक्सर बदल जाती है दुनियादारी में,

सपनों में बसाकर सही,

न बदले ऐसी चाहत तेरे लिए बनी रहेगी।


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