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Viveksut Kamble

Abstract Drama Fantasy

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Viveksut Kamble

Abstract Drama Fantasy

Kahnese darta hu main yaad

Kahnese darta hu main yaad

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201

कहने से डरता हूं मैं यार

आता है जब भी उमड़ कर प्यार

जाने क्यों डरता हूं

जाने क्या कहता हूं


जाने ना होता है क्यों ऐसे

जान कर भी कुछ ना कर पाता वैसे

धड़ धड़ धड़ करता है यार

सहता रहता यादों के वार ‌


कहने से डरता हूं मैं यार

ओ हो

कहने से डरता हूं यार।


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