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Viveksut Kamble

Abstract Drama Fantasy

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Viveksut Kamble

Abstract Drama Fantasy

Kahnese darta hu main yaad

Kahnese darta hu main yaad

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कहने से डरता हूं मैं यार

आता है जब भी उमड़ कर प्यार

जाने क्यों डरता हूं

जाने क्या कहता हूं


जाने ना होता है क्यों ऐसे

जान कर भी कुछ ना कर पाता वैसे

धड़ धड़ धड़ करता है यार

सहता रहता यादों के वार ‌


कहने से डरता हूं मैं यार

ओ हो

कहने से डरता हूं यार।


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