STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract

4  

सोनी गुप्ता

Abstract

प्यार

प्यार

1 min
244

अपने दिल की बात 

तुम हमें बताया तो करो  

सारी बातें अपने दिल में 

यूँ छुपाया ना करो  


वादा किया है हर सुख दुख में

 साथ निभाने का 

यूँ वादा तोड़कर हमें 

मझधार में ना छोड़ा करो  


सिर्फ जीवनसंगिनी ही नहीं 

तुम दोस्त भी हो मेरी 

प्रियतमा नहीं तो हमें 

दोस्त बनकर ही बताया करो  


कभी हँसना तो कभी रोना 

जीवन में चलता रहता है 

चेहरा खिल उठेगा तुम्हारा 

हमें देख मुस्कुराया तो करो  


सच कहते हमारे संग हर दर्द 

हो जाएगा कम तुम्हारा 

सोनी कभी अपने दिल की बात 

हमें बताया तो करो !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract