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Sangeeta Ashok Kothari

Classics

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Sangeeta Ashok Kothari

Classics

काश थोड़ा और रुक जाते 2023

काश थोड़ा और रुक जाते 2023

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थोड़े वादे जो ख़ुद से किये थे,

अधूरे काम जो कल पर छोड़े थे,

सारे के सारे अभी बाकी हैं पूरे करने,

ए 2023!काश थोड़ा और रुक जाते !


बिटिया के लिए लड़का कब से ढूंढ़ रहे,

अभी इंतज़ार हैं नौकरी का बेटे के लिए,

इस साल भी मोतियाबिंद का ऑपरेशन ना करा पाये,

काश!थोड़ा और रुक जाते 2023,तो मेरे काम हो जाते।।


एक साल झेलते-झेलते मोह हो गया तुमसे,

पन्नों पर 2023 लिखने की आदत पड़ गयी हमें,

और ज़िन्दगी में ख़ुशी के कुछ ख़ास पल भी दिये,

चले जाओ 2023, चलना तो वक़्त की फ़ितरत हैं हम समझते।


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