जिंदगी, तू बेवफा हैं
जिंदगी, तू बेवफा हैं
कभी कभी लगता है कि
जिंदगी कुछ नया दिखाना चाहतीं हैं
पर कुछ मोड़ पर जाने के बाद
वापस उसी मोड़ पर ले आतीं हैं
बहुत बार मनाया तुझे जिंदगी पर
एक ही बात मुझे चुभ जातीं है
मैं जिसे तुझसे ज्यादा प्यार करूँ
तू उसे ही मुझसे दूर ले जातीं है
क्या कोई बैर हैं तेरा मुझसे
जो हमेशा मुझे नीचा दिखा रहीं हैं
तेरे साथ चलने का मन नहीं है
तू हैं कि जबरदस्ती किये जा रहीं हैं
कभी मेरे बारे में भी सोच लिया कर
तेरे जिद्द को मैंने बरदाश्त किया हैं
पर जिंदगी तू तो बड़ी ही खुदगर्ज हैं
जो तुझे पसंद वही मुझे दिया हैं
कभी मुझसे छलावा कर जाती है
तो कभी लगतीं कुछ खफा हैं
अब भरोसा नहीं मुझे तुझ पर
क्योंकि ऐ जिंदगी, तू बेवफा है।
