आचार्य आशीष पाण्डेय
Horror Action Classics
जीवन है अभिशाप जगत में
भूलूं कितना पाप जगत में
राग, द्वेष तम पुंज अनारत
विन नाप जगत में तेजी से बढ़ रहा है।।
अरण्य
शीर्षक--प्यार...
बहुत देर से आ...
जीवन
जन्महेतु
अपना दोष
राजनीति
प्रिय
मित्र
सीप
सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।। सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।।
नियत चक्रधारी ने मार हार विजय निर्णायक कर्म धर्म मर्म का मान किया।। नियत चक्रधारी ने मार हार विजय निर्णायक कर्म धर्म मर्म का मान किया।।
ऐ किस्मत मेरे साथ, तेरा क्या गिला था वो आखरी बार मुझे बिस्तर पर मिला था।। ऐ किस्मत मेरे साथ, तेरा क्या गिला था वो आखरी बार मुझे बिस्तर पर मिला था।।
कौन सी रात ज्यादा भयानक थी , मैं समझ नहीं पाऊं।। कौन सी रात ज्यादा भयानक थी , मैं समझ नहीं पाऊं।।
लोग अनोखे शहर अनोखा और बड़े अनोखे इनके त्यौहार।। लोग अनोखे शहर अनोखा और बड़े अनोखे इनके त्यौहार।।
आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था। आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था।
हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ? हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ?
और वो शातिर पहले उसके दिल, दिमाग, जिस्म और उसकी फिर जान से खेल गया..! और वो शातिर पहले उसके दिल, दिमाग, जिस्म और उसकी फिर जान से खेल गया..!
रात में बिना डरे सफर करे निडर हो कर घर सलामत आ सके तभी मेरे भारत की स्वच्छ छवि जीवित रात में बिना डरे सफर करे निडर हो कर घर सलामत आ सके तभी मेरे भारत की स्वच्छ छ...
सब तरफ से टूट पड़े हैं राक्षस, करते अत्याचार न खिल सकते, न जी सकते ये दुविधा बड़ सब तरफ से टूट पड़े हैं राक्षस, करते अत्याचार न खिल सकते, न जी सकते ...
मगर ऐ दोस्त ! दो राहे पर खड़ी जिंदगी में तू कर फिर से शुरूआत नई। मगर ऐ दोस्त ! दो राहे पर खड़ी जिंदगी में तू कर फिर से शुरूआत नई।
मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका। मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका।
फ़्लैट और क्लब हो सब जगह दिखेंगे भूत डरना होगा अब इंसान को। फ़्लैट और क्लब हो सब जगह दिखेंगे भूत डरना होगा अब इंसान को।
और उसमे गूँजता रुग्ण विलाप वहीं गूंजता रहे तो अच्छा है और उसमे गूँजता रुग्ण विलाप वहीं गूंजता रहे तो अच्छा है
रात की ठंडी हवा में, आसमान की राहों में, किस से गिला करें, किस से शिकवा करें हम ? रात की ठंडी हवा में, आसमान की राहों में, किस से गिला करें, किस से शिकवा करें ...
बहा दो बुराइयों को ही कहीं, पाप से बिछड़ने का डर नहीं। बहा दो बुराइयों को ही कहीं, पाप से बिछड़ने का डर नहीं।
जाने क्यों वो अनसुलझा-सा रहस्य मुझे डराने लगा I जाने क्यों वो अनसुलझा-सा रहस्य मुझे डराने लगा I
थी तो वो रात अमावस पर दिल में पूरा चाँद खिला। एक बड़ा जरुरी सबक था जो मुझको आज मिला। थी तो वो रात अमावस पर दिल में पूरा चाँद खिला। एक बड़ा जरुरी सबक था जो मुझको आज...
बातें बहुत बिगड़ गई है। इन्हें नहीं ठीक किया जा सकता। बातें बहुत बिगड़ गई है। इन्हें नहीं ठीक किया जा सकता।
यह क्या सिर चकराया क्या हम भी उनमें से एक हुये, बताओ सबको क्या लगता है जिंदा हैं या... यह क्या सिर चकराया क्या हम भी उनमें से एक हुये, बताओ सबको क्या लगता है जिंदा ...