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आचार्य आशीष पाण्डेय

Horror Romance Classics

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आचार्य आशीष पाण्डेय

Horror Romance Classics

राजनीति

राजनीति

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राजनीति में कुर्सी क्या है

मेले का दो जोडी जूता

नेताओं का भाषण क्या है

आसमान में उड़ता सूता।।


कवियों की कविताएं क्या है

बिना दाम की मंजूषा

आज कलम से निकल रहीं हैं

जैसे हवा में उडता भूषा।।


सहमी सहमी कलम चल रही

कपास का भीगा गट्ठर जैसे

कविताएं अब सत्य ज्ञान दे

गधे पर भीगा गट्ठर बरसे।।


सूखा पत्ता खा खाकरके

वन पशु गुब्बारा दिखते

हरी पत्तियां न जिनको मिलती

वे सब तो हैं आरा दिखते।।


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