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Devesh Dixit

Fantasy

4  

Devesh Dixit

Fantasy

जादू

जादू

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काश कुछ ऐसा जादू हो जाए

सारी पृथ्वी स्वर्ग बन जाए

फूलों से भरा बगीचा हो

जो वातावरण को महकाए

सब खुशी से झूमे गाएं

वाणी में मिश्री घुल जाए

कटु शब्द का स्थान न हो

ऐसी प्रभु लीला हो जाए

बचपन सा जीवन हो जाए

लड़ें और फिर एक हो जाए

द्वेष भाव का स्थान न हो

मनोहर सारा दृश्य हो जाए

खून-खराबा न होने पाए

गुनहगार न बचने पाए

ऐसी सजा मिले दुष्टों को

जिससे गुनाह फिर पनप न पाए

काश कुछ ऐसा जादू हो जाए

सारी पृथ्वी स्वर्ग बन जाए

फूलों से भरा बगीचा हो

जो वातावरण को महकाए



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