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Prerna Karn

Abstract

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Prerna Karn

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होली

होली

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होली रंगों का ही नहीं है खेल,

यह तो है दिलों का मेल,

साल भर सभी रहते काम में व्यस्त,

होली के दिन रहते मस्त।


दूर-दूर के रिश्तेदार,

इस दिन होता मेल-मिलाप,

गुझिया, दही बड़े, मीठे पकवान,

हर्षोल्लास से भरा जहाँ।


रंगों से सराबोर यह त्योहार,

हटाता सबका मनोविकार,

गीत-संगीत, गुलालों से,

अभिवादन होता प्यार-दुलारों से।


होली का यह त्योहार,

गोकुल, मथुरा विश्व प्रसिद्ध है,

जहाँ ईश्वर ने भी लिया अवतार,

रचाया रंगों का इतिहास।


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