Sajida Akram
Romance
स्याही की रोशनाई से
लिखनी है प्यार की
इबारत हमें अपनी।
दास्तां सुना कर
दिल की जुस्तजू
बेक़रारी का इज़हार
कर अपनी मुहब्बत
का पैग़ाम भेजकर
काग़ज़ पर स्याही की
रोशनाई से पयाम भेजकर...
प्रेम क्या है...
जुलाह
हौसला
"रफ़ूगार"(ग़ज...
ख़्यालों
"कविता का शीर...
धूनकी-धूनकी ल...
"ओंस"
"सुर्ख गुलाब"...
"किस मोड़"
वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना। वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना।
बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना
तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...! तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...!
हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है ! हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है !
भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है ! भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है !
झूठलाने की खुद को, कोशिश बेकार क्यूं करते हो....। झूठलाने की खुद को, कोशिश बेकार क्यूं करते हो....।
ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !! ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !!
मेरी जिन्दगानी होनी चाहिये - कहानी होनी चाहिये।। मेरी जिन्दगानी होनी चाहिये - कहानी होनी चाहिये।।
दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा। दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा।
पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं
तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना। तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना।
तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं। तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं।
मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया। मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया।
वो पहला प्यार जिसमें खुशियां अपार दिल चाहता है जाना सात समंदर पार। वो पहला प्यार जिसमें खुशियां अपार दिल चाहता है जाना सात समंदर पार।
हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते। हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते।
परदेसी पिया आ जाओ तुम इस बार होली में। इंतजार में तेरे बैठी हूँ भर के रंग पिचकारी में। परदेसी पिया आ जाओ तुम इस बार होली में। इंतजार में तेरे बैठी हूँ भर के रंग पिच...
मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से
मैं जलती रहूँ वर्तिका सी तू देता जा उजियारा। मैं जलती रहूँ वर्तिका सी तू देता जा उजियारा।
मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।। मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।।
पैगाम दे गई, सचमुच दिल में, प्यार का बीज वो गई। पैगाम दे गई, सचमुच दिल में, प्यार का बीज वो गई।