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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

इस हसीन शाम में

इस हसीन शाम में

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आज की हसीन शाम का नज़ारा देख रहा हूँ,

सुरज के सुनहरे किरनों मैं मदहोश बन रहा हूंँ,

मैं तेरे इश्क के लिये तड़पता हूंँ ओ मेरी जानेमन,

इस हसीन शाम मेंं आज अकेला बन गया हूँ।


तेरे मिलन के लिये मैं दिल से दीवाना हुआ हूँ,

तेरे चेहरे को मैं कायम ख्वाबों में देखता रहा हूंँ,

मैं तेरे इश्क का प्यासा हुआ हूंँ ओ मेरी जानेमन,

इस हसीन शाम में मेरी प्यास मिटाना चाहता हूंँ।


तेरी यादों में डुबकर मैं मन से मायूस बन रहा हूंँ,

तेरे मिलन के लिये मेरा रोम रोम लहराता रहा हूंँ,

मैं तेरा ही इंतज़ार कर रहा हूंँ ओ मेरी जानेमन,

इस हसीन शाम में मेरी तन्हाई हटाना चाहता हूंँ।


तुझे मिलने का वादा आज पूरा करना चाहता हूंँ,

मेरी मायूसी के लिये मैं तेरी रहमियत मांगता हूंँ,

"मुरली" अपने दिल में समाऊंगा ओ मेरी जानेमन,

इस हसीन शाम में तुझे अपना बनाना चाहता हूंँ।



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