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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

रंगीला मौसम

रंगीला मौसम

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आजा साजन मौसम है रंगीला,
दिल से मै करती हूंँ इंतजार तेरा,
तू है बड़ा ही नटखट अलबेला,
ख्वाबों में सताता है चेहरा तेरा।

बसंत का छाया है सुंदर नज़ारा,
मिलन के लिये तड़पे मन मेरा,
मन में उभर रहा यादों का मेला,
यही है मधुर मिलन की बेला।

चांद में देख रही मै तेरा चेहरा,
न कर देर तरसता है मन मेरा,
ओ मेरे मन का प्यारा रसिया,
जल्दी से आ अब होगा सबेरा।

जिंदगी है सात दिन का मेला,
तेरा मेरा रिश्ता है युगो पूराना,
"मुरली" मीठी तान मुझे सुनाना,
इस मौसम में तेरे दिल में समाना।

 रचना:-धनज़ीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)


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