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AMARJEET rana

Drama Inspirational

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AMARJEET rana

Drama Inspirational

लाइफ

लाइफ

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कितना कुछ सीख के

कुछ सीखा के चला हूँ,

आग नहीं

कोई अंगार ही सही

एक क़तरा ख़ुद को

बना के चला हूँ;


सबको याद रहूँ

ये है नहीं मुमकिन

मैं कई दिलो में

लेकिन जगह बना के चला हूँ;


जिगरी कहते हैं

मैं याद आऊँगा,

मैं जा रहा हूँ

ये बता के चला हूँ;


कुछ पाने के लिए

कुछ खोना पड़ता है

मैं कुछ नहीं बहुत कुछ

गवाँ के चला हूँ;


बहुत गुज़रीं हैं

खिले होंठों की यादें

कुछ संजीदा लम्हे

कुछ कोतुक की बातें

आशीष, सम्मान, मोहब्बत

और अदावत,

मैं सब यादों को

दिल में बसा के चला हूँ...।


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