मोहब्बत क्या चीज है?
मोहब्बत क्या चीज है?
हमे कहां मालूम था कि,
ज़ाम कैसे छलक जाती है?
तुम्हारी नज़र हम से मिली और,
नज़रों की ज़ाम छलक गई।
हमे कहां मालूम था कि,
दिल कैसे धड़क जाता है?
तुम्हारी धड़कन हम से मिली और,
दिल में शहनाई बज गई।
हमे कहां मालूम था कि,
स्पर्श का जादू क्या होता है?
तुम्हारा स्पर्श हमको हुआ और,
तन और मन को लहरा गई।
हमे कहां मालूम था कि,
मोहब्बत क्या चीज होती है?
"मुरली" तुमने आलिंगन दिया और,
ये जिंदगी मोहब्बत बन गई।
रचना:-धनज़ीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)

