STORYMIRROR

Phool Singh

Drama Classics Inspirational

4  

Phool Singh

Drama Classics Inspirational

मानसून आया

मानसून आया

1 min
216

खिल रहे सारे वन-उपवन देखों

चहक उठी है मन बगिया

सुन्दर-सुन्दर फूल खिलें है

हर्षित, प्रफुल्लित है दुनियाँ।।


स्वर्ग से सुन्दर धरा बनी है

उत्साहित है जीव दुनियाँ

कारण ढूंढते आस बाँधते

सब मौसम की करामात ओ सखियाँ।।


हरियाली चारों ओर है छायी 

तृप्त हो रही ये अंखियाँ

सुकून, शांति मन को मिलती

सखियाँ भी बनाती खूब बतियाँ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama