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Phool Singh

Drama Classics Inspirational

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Phool Singh

Drama Classics Inspirational

मानसून आया

मानसून आया

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खिल रहे सारे वन-उपवन देखों

चहक उठी है मन बगिया

सुन्दर-सुन्दर फूल खिलें है

हर्षित, प्रफुल्लित है दुनियाँ।।


स्वर्ग से सुन्दर धरा बनी है

उत्साहित है जीव दुनियाँ

कारण ढूंढते आस बाँधते

सब मौसम की करामात ओ सखियाँ।।


हरियाली चारों ओर है छायी 

तृप्त हो रही ये अंखियाँ

सुकून, शांति मन को मिलती

सखियाँ भी बनाती खूब बतियाँ।।


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