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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Fantasy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Fantasy

सच्चा ख्वाब

सच्चा ख्वाब

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आज मैने एक ख्वाब देखा,

ख्वाबमें उसका चहेरा देखा,

रात को उसके खयालोंमें डूबकर,

उसके मिलन के लिये बेताब हो गया।


खूबसूरत चेहरा देखकर उसका,

मन मेरा बैचेन हो गया,

उसको मेरी मल्लिका बनाने के लिये,

दिलमें ईश्क ज्योत मैने जला दिया।


मायूस बनकर बैठा हूं मै,

दिल की धड़कन बढती देखता हूं मै,

उसके ईश्क का मै दिवाना बनकर, 

उसको पाने के लिये प्यासा बन गया।


किसीने धर का दरवाजा खटखटाया,

उठकर मैने दरवाजा जब खोला

मुस्कुराती हुई वो खडी थी "मुरली",

मेरा ख्वाब आज हकीकत बन गया।


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