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Hemant Kumar Aasiwal

Drama Others

4.0  

Hemant Kumar Aasiwal

Drama Others

"फ़सल"

"फ़सल"

1 min
41


बापू ने कहा ना रो बिटिया

अबके फसल अच्छी होगी

ला दूँगा तुझे धानी चुनरियाँ

अबके फसल अच्छी होगी

ज्वार भी होगा गेहूँ भी होंगे

सरसों होगी सच्ची सच्ची

ला दूँगा तुझे बिंदी काजल

अबके फसल अच्छी होगी

धान देखो सब निकल गया है

चने का रंग भी बदल गया है

सब को जाकर बेचूँगा मंडी

चुप हो जा मेरी लाडो बच्ची

ला दूँगा तुझे पायल,चूड़ी....के

अबके फसल अच्छी होगी


ईश्वर ने भी क्या खेल रचा है

बे मौसम की ये बरखा है

कर गई सारे सपने बंजर

हाय!कितना भयानक है ये मंज़र

चुप.....चुप हो जा ओ मेरी

लाडो बच्ची...चुप हो जा

ना रो ओ बिटिया रानी

कर दूँगा सब सपने पूरे

जबके फसल अच्छी होगी


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