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Hemant Kumar Aasiwal

Inspirational

3.9  

Hemant Kumar Aasiwal

Inspirational

गुमशुदा की तलाश में

गुमशुदा की तलाश में

1 min
328


गुमशुदा की तलाश में 

ढूँढता फिरे क्यूँ लाश में

आते जाते सब यहाँ

जी रहे है काश में


कोई है बिछड़ रहा

जूँ मिलन की आस में

भीड़ भाड़ है सभी यहाँ

है बस भीड़ की तलाश में


देखने मे लग रही है

जैसे कोई आग है पलाश में

मैं भी हूँ जल रहा

क्यूँ नहीं तू पास में


राधे राधे जप रहे में

कृष्ण भी तो है रास

बोल उठें है बुत यहाँ

मोजिज़ा है तराश में।


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