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Rajit ram Ranjan

Romance

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Rajit ram Ranjan

Romance

एक सहारा ढूंढ रहे हैं

एक सहारा ढूंढ रहे हैं

1 min
211


इश्क़ की दरिया का किनारा ढूंढ रहे हैं 

इस अजनबी सफर में एक सहारा

ढूंढ रहे हैं

वो मुस्करा कर देखे मेरी आँखों में

वो नज़ारा ढूंढ रहे हैं


कही खो गया है, इस धरती पे मेरी

आसमान का चाँद-सितारा ढूंढ रहे हैं

उसके साथ गुजरा हुआ, वक़्त सारा

ढूंढ रहे हैं

अजनबीपन उनकी आँखों में फिर

दोबारा ढूंढ रहे हैं


फिर से उस चेहरे की रौनक, वही ताज़गी

करारा ढूंढ रहे हैं

तपते हुए रेगिस्तान में उसे बनके बंजारा

ढूंढ रहे हैं

इश्क़ की दरिया का किनारा ढूंढ रहे हैं 

इस अजनबी सफर में एक सहारा ढूंढ रहे हैं



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