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एक आवाज नारी सम्मान में

एक आवाज नारी सम्मान में

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सच्चाई है ये ,

झुठलाई नहीं जा सकती,

सबके द्वारा,

अपनायी नहीं जा सकती।


अच्छे दिन के वादे लेकर,

नेता तो आ जाते हैं,

देश की राजनीति को ,

धर्म जात पे चलाते हैं।


देते हैं भरोसा जनता को,

वादों की इस होड़ से,

समय समय पे इंसाफ को,

पटक देते हैं ज़ोर से।


भारत की इस भूमि को,

माँ का सम्मान दिया गया,

और धर्मजात के नाम पर,

नारी अपमान किया गया।


बहुत हुआ ये अत्त्याचार,

अब बदलाव होना चाहिए,

हर नन्ही बिटिया के लिए,

इंसाफ होना चाहिए।।


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