STORYMIRROR

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Comedy Romance Tragedy

4  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Comedy Romance Tragedy

Dr sagir Ahmad Siddiqui gazal

Dr sagir Ahmad Siddiqui gazal

1 min
0

अगर अपना नहीं समझा तो मेरा मांन होगा क्या?
भुलाकर तुमने क्या खोया कभी यह भान होगा क्या?
 यही है रीति दुनिया की जो बोओ गे वह काटोगे।
नहीं सम्मान दोगे तो कभी सम्मान होगा क्या?
दाएं हाथ से देना खबर बाएं को न होना।
दिखावे का करोगे दान तो फिर दान होगा क्या?
तेरी आहट की खातिर कान दरवाजे पे रखा है।
अगर न लौट के आया नया तूफान होगा क्या?
सुकून ए दिल भी खोते हैं रात की नींद खोते हैं.
किसी के वास्ते भी इश्क यह आसान होता क्या?
बहुत तिल तिल के मरता है बिछड़ कर अब तेरा आशिक।
सजा ए मौत की खातिर नया ऐलान होगा क्या?
मुझे तो फख्र है इस पर,मै भारत मां का बेटा हूं।
 मेरे खातिर कोई इससे बड़ा वरदान होगा क्या?
 यहां अब्दुल हमीद अशफाक बिस्मिल जैसे बेटों ने।
कटा दी जिन सरों को उन सरों का शान क्या होगा?
पालते अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद से दानिश।
दुखी मां बाप हैं दिल में कोई अरमान होगा क्या?


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Comedy