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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Action Classics Inspirational

4.5  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Action Classics Inspirational

इतना प्यारा तो मंजर कहीं भी नहीं

इतना प्यारा तो मंजर कहीं भी नहीं

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इतना प्यारा तो मंजर कहीं भी नहीं।
आप सा प्यारा दिलबर कहीं भी नहीं।
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रुख दरख्शां लगे माहे अंजुम मगर।
तेरे जैसा तो अख्तर कहीं भी नहीं।
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कोई तुम सा नहीं बेमिसाल आप हो।
हुस्न का ऐसा पैकर कहीं भी नहीं।
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चल पड़ा हूं मैं राहों में अंजान हूं।
मील का कोई पत्थर कहीं भी नहीं।
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किस से जाकर के इंसाफ मांगे कोई।
कोई अपना अब रहबर कहीं भी नहीं।
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वक्त पर काम हो जाए मजलूम का।
आज कल ऐसा दफ्तर कहीं भी नहीं।
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अपने घर में बुजुर्गो को लगता है डर।
आज कल ऐसा बे घर कहीं भी नहीं।
🌹
दर्द मंदों को अपनाए मजलूम को।
अब "सगीर" ऐसा सरवर कहीं भी नहीं।


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