STORYMIRROR

SONI RAWAT

Drama Horror Action

3  

SONI RAWAT

Drama Horror Action

डरावना माहौल

डरावना माहौल

1 min
115

घर में ज्यादा शांति हो तो भी दिल दहकता है

उस शांति में जरा सी खटक भी हो जाए तो डर लगता है

ये शांति घर में रात को 2 से 3 बजे के बीच ही होती है

घड़ी की टिक- टिक करके चलना 

हमें हमारी धड़कनों के चलने का आभास करती है

अंधेरा डर में हमारे चार चांद लगा देता है


एक कदम जमीन में पैर रखने के ख्याल से ही डर लगता है

और हिम्मत करके आगे बढ़ना भी चाहे 

तो टक- टक कदमों की आवाज़ और पसीना छूटा देती है

कभी कुत्तों का अचानक से भोंकना

कभी अचानक बिल्लियों का रोना सुनायी देता है

वो हमें किसी अनहोनी का आभास कराती हैं

एक हल्का हवा का झोंका भी 

उस समय हमारा डर बन जाता है

और एक डरावना माहौल बना देता है

वो हर एक आवाज़ हमें डरावनी लगने लगती है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama