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Krishna Bansal

Drama Tragedy Inspirational

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Krishna Bansal

Drama Tragedy Inspirational

चंडी बनो

चंडी बनो

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किसने रोका है तुम्हें 

ऐ बाला 

समय आ गया है 

चंडी बनो 

काली बनी 

और बनो ज्वालामुखी 

इन सब ढोंगी बाबाओं 

हर गली कूचे नुक्कड़ पर

खड़े बदमाशों को भस्म कर डालो।


किसने रोका है तुम्हें 

ऐ बाला 

मार्शल आर्टस सीखने से 

जूडो, कराटे, जिम 

कुछ भी सीखो  

इन सब रेप करने वालों को 

नानी-दादी याद करवा डालो।


मैं जानती हूं 

तुम में दम है  

तुम कुछ भी कर सकती हो

अगर आज तुमने इन गुंडों के

सम्मुख हार मान ली 

और इसी तरह रेप होते रहे  

समझ लो वह दिन दूर नहीं 

तुम्हें गर्भ में ही मार डालेंगे 

तुम्हारे माता-पिता

(कुछ तो अभी भी करते हैं)

घर की चारदीवारी से 

बाहर नहीं जाने देंगे। 

कौन माता-पिता चाहेगा  

उनकी बेटी की इज़्ज़त 

मिट्टी में मिले।


किसने रोका है तुम्हें 

ऐ बाला

न केवल शेर की सवारी करो 

स्वयं शेर बन जाओ 

तुम्हें खूंखार बनने की 

आवश्यकता है 

नोच डालो 

मार डालो 

फाड़ डालो 

राक्षसों के सीने में तलवार 

घोंप डालो 

कानून तुम्हारे साथ है 

फिर किस बात का डर है 

बस अपने अन्दर 

उत्साह व जोश भर लो 

अंगारे बन बरस जाओ 

इन पर 

आग के गोले बन टूट पड़ो।


किसने रोका है तुम्हें 

ऐ बाला 

कब तक तुम अपनी रक्षा के लिए

किसी पुरुष पर निर्भर करोगी 

पिता, पति या फिर हो भाई।


उठो जागो तुम्हें अपनी रक्षा 

स्वयं करनी होगी 

अपना सुरक्षा कवच स्वयं बनना होगा। 



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