STORYMIRROR

Varun Anand

Drama

4.6  

Varun Anand

Drama

बेटियां

बेटियां

1 min
3.0K


किस राह पर है ये देश मेरा,

क्या चाहती है धरती माँ

किस पिता की हसरत है ये,

क्या कर दिखाएेगीं बेटियां ।


जन्म लेती है लक्ष्मी रूप मैं,

और समय अाने पर लक्ष्मीबाई बन जाती है,

फिर भी समाज चर्चा मैं उलझा,

क्या वह पहनकर बाहर जाती है ।


मार्गदर्शन मिले पिता का,

और पति का साथ बहुत है,

कामयाबी उनके क़दमों मैं है क्या

फिर भी मारी जाऐगी बेटियां।


न रोके उसे, न टोके उसे,

जौ अपने पिता का सिर गर्व से उठाना चाहती है,

आभार है उन महिलाऔ का,

जौ सबकुछ सहकर भी कुछ कर दिखाती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama