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SUNIL JI GARG

Drama Inspirational

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SUNIL JI GARG

Drama Inspirational

आज़ादी की हीरक जयंती

आज़ादी की हीरक जयंती

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देश अनोखा दुनिया में ये

इंडिया, भारत, हिंदुस्तान

तुलना करके देख ले कोई

सबसे ज़्यादा यहाँ सम्मान

वेद, उपनिषद यहाँ की थाती

व्यास, शंकराचार्य से विद्वान

भगवद्गीता के परम उपदेश

विवेकानंद ने बिखेरा ज्ञान

चरक, सुश्रुत सम चिकित्सक

पतंजलि का है योग महान

रामानुज और आर्यभट्ट ने

सदियों पहले दिया विज्ञान

ये देश निरंतर रहा अग्रसर

यहाँ आये मुग़ल या वो अंग्रेज

शिवाजी, प्रताप या वीर सुभाष

लक्ष्मीबाई ने दिखलाया तेज

एक ही गाँधी, एक ही पटेल

नेहरु, अम्बेडकर एक ही थे

आज़ादी के नायक सब थे

हर जन मानस यहाँ एक ही थे

आज़ादी आई आधी रात

पंद्रह अगस्त सैंतालिस को

तब से खूब तरक्की कर ली

समझा कंप्यूटर की बिट्स को

ऐसे गुजरे साल पचहत्तर

देश निरंतर हुआ जवान

मसले सारे हल हो चले अब

पा गए अपना घर भगवान्

अब नयी मंजिलें दिखती हैं

यहाँ के युवा मतवालों को

चाँद पर लेकर जायेंगे ये

अब अपने भारत वालों को

कोई हम पर शक न करना

कोई आँख दिखाना न

शान्त हैं हम कमजोर नहीं

सीमा पर हमारी आना न

आज हमारा सीना चौड़ा

गर्व से फ़हराया है तिरंगा

आशीर्वाद प्रकृति देती है

पिता हिमालय और माँ गंगा।


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