Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
न मेरी खता है
न मेरी खता है
★★★★★

© Himanshu Sharma

Drama Romance

1 Minutes   4.9K    5


Content Ranking

न मैंने कुछ खता की है,

न ही मेरा कुछ कसूर है !


सब तेरे इश्क का असर है,

सब तेरे इश्क का सुरूर है !


भटकता था कभी जिन्दगी,

के इस अँधेरे गलियारे में !


गिरते हुए बचाया है कई बार,

मुझे तेरे इश्क के सहारे ने !


ग़मों के इन घने अब्रों में,

तेरा इश्क चाँदनी का नूर है !


हर साँस के चलने साथ मुझे याद,

बस तेरा ही ये पाक नाम आता है !


इस ज़ेहन में तेरा ये नाम मुझे कभी,

तन्हाई में तो कभी सरेआम आता है !


मेरी हर कहानी में, मेरी हर नज़्म में,

और मेरी गज़ल में बस तू ही मशहूर है !


जिन्दगी की इन गहरी चालों ने तो बस,

मुझसे छीन ही लिया था वो सब कुछ!


तुझसे मिला तो लगा मुझे कि इस बार,

जिन्दगी से मैंने हासिल किया है अब कुछ !


तू ही मेरा दिलदार, तू ही मेरा साथिया है,

और तू ही बस मेरी जिन्दगी का गुरूर है !!

जिंदगी कहानी ग़ज़ल

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..