STORYMIRROR

Himanshu Sharma

Others

4  

Himanshu Sharma

Others

है कहाँ?

है कहाँ?

1 min
313

भटका जो नाख़ुदा तो साहिल पाता है कहाँ,

अपने माज़ी को बताइये भूला पाता है कहाँ?


टकराया था तूफ़ान कभी इस साहिल से के,

अब भटके भी तो कोई तूफ़ाँ आता है कहाँ?


इस गुलशन के वीराने को न यूँ देखिये हुज़ूर,

बहारों का उजाड़ा, गुल खिला पाता है कहाँ?


जिसके अश्क़ भी निकलते हैं, मुस्कुराते हुए,

अपने लबों से अब खिलखिला पाता है कहाँ?


हर दोस्त ने इक मोड़ पे आ कर साथ छोड़ा,

तू ही बता दे ज़िंदगी हर दोस्त, जाता है कहाँ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन