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अनजान रसिक

Drama Inspirational

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अनजान रसिक

Drama Inspirational

एक प्याली चाय

एक प्याली चाय

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एक प्याली चाय ही काफी है टूटे हुए रिश्ते की डोर जोड़ने को,

एक प्याली चाय के दौरान हुई चर्चा काफी होती एक रूठे हुए व्यक्ति को मनाने को।

एक प्याली चाय कारागार होती त्रस्त शरीर की थकान मिटाने को,

एक प्याली चाय तो सहायक होती सभा में महत्वपूर्ण निष्कर्षों तक पहुंचने को।

एक प्याली चाय ही काफी है प्यारी सी मुस्कुराहट को बरकरार रखने को,

एक प्याली चाय ही काफी हैँ बिछड़े यारों के दिल के तारों को पुनः जोड़ने को।

एक प्याली चाय का स्वाद तो हर लेता हर मेहमान के चित्त को,

एक प्याली चाय का स्वाद फीका कर देता भांग के नशे को।

एक प्याली चाय के स्वाद का मज़ा कर देता बूढ़े व्यक्ति में स्फूर्ति का उन्माद और प्रवाह,

एक प्याली चाय के सौजन्य से उड़ जाती नींद विद्यार्थी की

जिसने पढ़ के जीवन में है कुछ करना और बनना।

एक प्याली चाय तो रूठे हुए व्यक्ति के मुखड़े पर भी मुस्कान ले आता,

एक प्याली चाय मात्र से ही ज़िन्दगीे में नयी ऊर्जा,नयी स्फूर्ति का प्रवाह हो जाता।

एक प्याली चाय ही काफी होती एक नये दिन की सुखद शुरुआत कर जाती,

एक प्याली चाय ही कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव कर सम्पूर्ण सृष्टि का संहार कर जाती।

चाय के दीवाने तो इसका सेवन करें बिना अपने दिन को कुछ अधूरा और बेजान सा महसूस करते,

एक प्याली चाय का ज़ायका ले कर तो असंख्य लोग

अपने शारीरिक विकारों और समस्याओं से निजात पा लेते।

तभी तो चाय को सभी संजीवनी बूटी का दर्जा दे देते,

प्रसन्नचित्त हों कर एक प्याली चाय का गुणगान करते न थकते।



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