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Supriya Devkar

Romance Others

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Supriya Devkar

Romance Others

तुम्हे चाहने के लिए

तुम्हे चाहने के लिए

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तुम्हें चाहने के लिए 

वक्त ना मिले ऐसा हो नहीं सकता 

एक झलक पाने के लिए 

तुम्हारी राह मैं हमेशा तकता 

तुमसे शिकायत है मेरी 

यू ना तरसाया करो 

हम कच्चे दिल के है आशिक 

हमे यू सताया ना करो


सूरज की रौशनी हो

तुम्हारी आदत सी हो गयी है

तुम्हारे मिलने से 

जिंदगी हसीन सी हो गयी है 

पर क्या करे ये बैरी चाँद 

बढ़ाता है दूरियाँ

जज्बातों को रोक कर

तोड़ते है ये बेड़ियाँ

इंतजार हम करते है 

खत्म हो ये फासले 

तुम्हारे पास होने से 

बढ़ जायेंगे हमारे हौसले


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