STORYMIRROR

Mohammed Khan

Romance

2  

Mohammed Khan

Romance

यूं ही संग तुम्हारे

यूं ही संग तुम्हारे

1 min
59

यूँ ही संग तुम्हारे बैठना अच्छा लगता है 

तुम कहती रहो मुझे सुनना अच्छा लगता है !!

अपनी आँखों में तुम्हारी तस्वीर देखने लगा हूँ मैं 

मुझे अब आईना देखने अच्छा लगता है 

इन लबों की हँसी को सदा यूँ ही सजाकार रखना 

तुम्हें मुस्कुराता देख मुझे जीना अच्छा लगता है 

हर पल तलाशता हूँ तुम्हें अपने तस्ववुर के अफसाने में 

तुम यूँ ही खो जाया करो मुझे ढूँढना अच्छा लगता है !!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance