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अनु उर्मिल 'अनुवाद'

Romance

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अनु उर्मिल 'अनुवाद'

Romance

वहम

वहम

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कभी-कभी

आसपास पानी होने का भ्रम

चंद साँसों का इजाफ़ा कर देता है

तड़पकर मरते हुए 

किसी प्यासे मुसाफ़िर की ज़िन्दगी में..!!

तुम भी

मेरे जीवन में एक मरीचिका की तरह हो

तुम कहीं नहीं हो मगर 

तुम्हारे साथ होने का वहम काफ़ी है

जीवन की दुष्कर राहें नापने के लिए..!!



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