Aditya chandra 'Subhash'
Romance
ये मेघ इतना बरस क्यों रहें हैं
क्यों इनकी गर्जन में इतना दर्द है
क्यों ये दामिनी इतना चमक रहीं हैं
लगता है जैसें फिर किसी ने
सपने सजा कर हजारों,
आपना दामन छुड़ा लिया।
माँ की पात्रत...
सतत् विकास
मेघ
उन्मुक्त हूँ ...
खोज स्वयं की
मोमबत्ती
तारा
कभी हमको हंसाती है कभी ये ही रूलाती है कभी हमको हंसाती है कभी ये ही रूलाती है
तू अगर दें इजाजत आज थोड़ा सा प्यार तुझसे कर लूं तू अगर दें इजाजत आज थोड़ा सा प्यार तुझसे कर लूं
मिलना या ना मिलना, किस्मत का लेख है। मिलना या ना मिलना, किस्मत का लेख है।
मौन होकर भी, बहुत कुछ लिखती कलम है। मौन होकर भी, बहुत कुछ लिखती कलम है।
वो राहें अब लगती हैं अजनबी की तरह। वो राहें अब लगती हैं अजनबी की तरह।
हर मोड़ पर रुक कर सोचा, कहाँ गलत हो गया हर मोड़ पर रुक कर सोचा, कहाँ गलत हो गया
रख लिया है संजो कर तुम्हें तमाम उम्र के लिए अपने दिल में, रख लिया है संजो कर तुम्हें तमाम उम्र के लिए अपने दिल में,
तुम जहाज की भांति साथ हो ओ मेरे जीवन साथी। तुम जहाज की भांति साथ हो ओ मेरे जीवन साथी।
प्यार करता रहा, तुझ पर एतबार करता रहा, प्यार करता रहा, तुझ पर एतबार करता रहा,
लोग कहते होंगे तुम्हें खूबसूरत किताब लोग कहते होंगे तुम्हें खूबसूरत किताब
मैंने खुद के लिए उसकी सैकड़ों परवाह देखी है। मैंने खुद के लिए उसकी सैकड़ों परवाह देखी है।
मेरे पास शब्द थे, पर साहस नहीं, और उसके पास ख़ामोशी थी, मेरे पास शब्द थे, पर साहस नहीं, और उसके पास ख़ामोशी थी,
वाक़िफ होकर आना मेरे हर कर्म से , मेरी की गई हर गलती से , वाक़िफ होकर आना मेरे हर कर्म से , मेरी की गई हर गलती से ,
किसी की हँसी में खुशी है, ये दुनिया को बताना, किसी की हँसी में खुशी है, ये दुनिया को बताना,
मेरे दिल और दिमाग में बस तुम ही हो मेरे दिल और दिमाग में बस तुम ही हो
दर्द कुछ कम लगा होगा , जो इस कदर कहर बन बरस रहे हों । दर्द कुछ कम लगा होगा , जो इस कदर कहर बन बरस रहे हों ।
इधर उधर की बात शनै: शनै: फिर प्यार की बात इधर उधर की बात शनै: शनै: फिर प्यार की बात
तुम पल्ला अपना मत झाड़ो, मेरे आने की आहट सुनने को, तुम पल्ला अपना मत झाड़ो, मेरे आने की आहट सुनने को,
एक स्पर्श की गुनगुनी तपिश जो कर जाती है परेशान बेतरतीब एक स्पर्श की गुनगुनी तपिश जो कर जाती है परेशान बेतरतीब
तुम जग की पालनहार-सी, मैं भक्त तुम्हारा लाचार प्रिये, तुम जग की पालनहार-सी, मैं भक्त तुम्हारा लाचार प्रिये,