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Aditya chandra 'Subhash'

Romance

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Aditya chandra 'Subhash'

Romance

मेघ

मेघ

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ये मेघ इतना बरस क्यों रहें हैं 

क्यों इनकी गर्जन में इतना दर्द है 


क्यों ये दामिनी इतना चमक रहीं हैं 

लगता है जैसें फिर किसी ने


सपने सजा कर हजारों,

आपना दामन छुड़ा लिया।


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