Aditya chandra 'Subhash'
Romance
ये मेघ इतना बरस क्यों रहें हैं
क्यों इनकी गर्जन में इतना दर्द है
क्यों ये दामिनी इतना चमक रहीं हैं
लगता है जैसें फिर किसी ने
सपने सजा कर हजारों,
आपना दामन छुड़ा लिया।
माँ की पात्रत...
सतत् विकास
मेघ
उन्मुक्त हूँ ...
खोज स्वयं की
मोमबत्ती
तारा
एक मुड़ा-तुड़ा कागज़ का टुकड़ा...। एक मुड़ा-तुड़ा कागज़ का टुकड़ा...।
ना जाने कब हमारी जिंदगी ने भी यह मोड लिया की उसके चलते हमने हम दोनो को जीवनसाथी बनाया। ना जाने कब हमारी जिंदगी ने भी यह मोड लिया की उसके चलते हमने हम दोनो को जीवनस...
सुनो, इस सोमवार तुम सुनहरे किनारे वाली लाल साड़ी पहनना। सुनो, इस सोमवार तुम सुनहरे किनारे वाली लाल साड़ी पहनना।
मगर उतना ही सच ये भी है की दूसरा प्यार भी हसीन होता है यूं ही रहना साथ तुम जैसे धूप र मगर उतना ही सच ये भी है की दूसरा प्यार भी हसीन होता है यूं ही रहना साथ तुम ज...
तुम बिछड़ गयी हो सालों पहले, मगर तुम आज भी सपनों में मिलती हो। तुम बिछड़ गयी हो सालों पहले, मगर तुम आज भी सपनों में मिलती हो।
हर मुस्कान का राज अब तुम से ही मेरे जीवन की हर खुशी भी अब तुमसे ही. हर मुस्कान का राज अब तुम से ही मेरे जीवन की हर खुशी भी अब तुमसे ही.
एक दिन हम दो अजनबी मिलेंगे कि हमारी पहली मुलाकात टकराने से होगी। एक दिन हम दो अजनबी मिलेंगे कि हमारी पहली मुलाकात टकराने से होगी।
वो अजनबी एक लड़की जो मुझे पहली बार फेसबुक पर मिली थी. वो अजनबी एक लड़की जो मुझे पहली बार फेसबुक पर मिली थी.
एक बार आ जाओ प्रियतम याद तुम्हारी आती है। एक बार आ जाओ प्रियतम याद तुम्हारी आती है।
मत दो ताने जिदंगी को वह तो मोहताज है तुम्हारी। मत दो ताने जिदंगी को वह तो मोहताज है तुम्हारी।
मेरी नज़र के नज़रों में तुम नज़र आने लगे हो मेरी नज़र के नज़रों में तुम नज़र आने लगे हो
वो पहली बारिश का अहसास याद है। वो पहली बारिश का अहसास याद है।
..तुम तो बस एक ख्याल थे जैसे कोई जादू थे तुम। ..तुम तो बस एक ख्याल थे जैसे कोई जादू थे तुम।
आपको कभी फुर्सत मिले तो, मेरी बांहों में आ जाइए l आपको कभी फुर्सत मिले तो, मेरी बांहों में आ जाइए l
पति पत्नी का दिया बाती सा साथ हो सुख दुःख में हो साथ निभाने वाला अथाह प्यार। पति पत्नी का दिया बाती सा साथ हो सुख दुःख में हो साथ निभाने वाला अथाह प्यार।
एक नई आशा के साथ एक नई सुबह का एक नया उगता हुआ सूरज। एक नई आशा के साथ एक नई सुबह का एक नया उगता हुआ सूरज।
सपनों की दुनिया को, मैं सच्चा प्यार समझ बैठा। सपनों की दुनिया को, मैं सच्चा प्यार समझ बैठा।
ये कैसी फैंटेसी बना ली तुमने ? मेरा ज़िस्म मचल उठा जिसे पढ़ बार - बार। ये कैसी फैंटेसी बना ली तुमने ? मेरा ज़िस्म मचल उठा जिसे पढ़ बार - बार।
ईश्वर का वरदान जैसे प्रेम का अपने साकार हो जाना अपना जन्म-जन्म का साथ हो यही है मेर ईश्वर का वरदान जैसे प्रेम का अपने साकार हो जाना अपना जन्म-जन्म का साथ हो ...
सावन का पवित्र मास अतुलनीय है, तीनों लोक में भी प्रशंसनीय है। सावन का पवित्र मास अतुलनीय है, तीनों लोक में भी प्रशंसनीय है।