STORYMIRROR

Gurpreet Kaur

Romance Fantasy

3  

Gurpreet Kaur

Romance Fantasy

यादों की गुल्लक

यादों की गुल्लक

1 min
229

तुम्हारी यादों की

गुल्लक को जब भी खोलती हूँ

मन भर - सा जाता है

मैंने सारी यादों को

इक इक सिक्कों के रूप में

जोड़ कर रखा है

तुम चाहो तो

इसमें बढ़ोतरी कर सकते हो

लेकिन मुझे पता है

तुम ऐसा कुछ न करोगे

उफ़! यह मेरे बड़े से ख्वाब।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance