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Bhavna Thaker

Romance

4  

Bhavna Thaker

Romance

यादों की बारिश

यादों की बारिश

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प्रेम गीतों से सराबोर आसमान से जैसे बरसती है बूँदें 

उसी तरह तुम्हारी आगोश से जुदा होते महसूस होता है

जैसे मैं बारिश से गुज़रा हूँ...


मेरे चारों ओर हवा में नाचने वाली हर्षित धुन सी तुम्हारी साँसों की महक

प्यार और उल्लास के खुशहाल छोटे आलाप सी मुझे धूप में बिताए बेहतर दिनों की याद दिलाती है..


लेकिन आज बारिश ठंडी है और हवा सर्द 

मेरे दिल में अब गाने नहीं है

आग है तुम्हारी दूरियों की

मेरे दिन बादल छाए रहेंगे और आसमान धूसर सा मटमैला..


अकेलापन मुझे घेर लेता है

मैं अपने एकांकी जीवन से त्रस्त हूँ 

कुछ समय पहले जब तुम्हारी प्रीत रुपी धूप ने मेरी आत्मा को भर दिया था

और मेरी हँसी ने तुम्हें सराबोर भर दिया था

उस हसीन पलों में हमने जोशीला प्यार किया था टूटकर लेकिन,

प्रेमियों की अंतरंगता

एक फ़िकी याददाश्त से ज्यादा कुछ नहीं...


तुम बारिश के तूफानों से प्यार करती थी, मुझे याद है

गड़गड़ाहट की गर्जना और बिजली की चमक को सुनना

प्रकृति की शक्ति को प्रसारित करना

तुम्हारी उन सारी क्रियाओं को आज भी दिल महसूस करता है पर,

मैं बहुत अयोग्य था न संभाल सका उन पलों की उर्जा को..


मेरा चेहरा अब बारिश से भीगता जरूर है पर आसमान से गिरती बूँदों से मैं तड़प उठता हूँ, 

अश्कों की बारिश मेरी साथी है 

धूप के उज्ज्वल दिनों की उम्मीद जरूर है

मैं अपने कॉलर को उन कठोर हवाओं की अठखेलियों से बचने के लिए घुमाता हूँ जो चलती है बेपरवाह जलाती..

 

मेरे भीतर से उठती आह भरी

एक प्यार की गूँज दूर चली जाती है तुम्हें ढूँढती,

जीवन के माध्यम से चल रही है मेरी एक मात्र परछाई

मैं मर चुका हूँ भीतर से..



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