STORYMIRROR

Bhavna Thaker

Classics

4  

Bhavna Thaker

Classics

अमृत की गाथा

अमृत की गाथा

1 min
245

कायनात की किसी शै में अमृत नहीं मिलेगा !

वो बैठा है प्रेमियों के अधरों पर लहलहाता। 


पूछो पहले चुम्बन की मोहर लगी

माशूका से मिठाश का मर्म, 


शर्माते लबों पर उसका जीभ का रगड़ना

अमृत के उद्भव की सुनहरी गाथा कहेगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics